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सुबह आंख खुलते ही जो तुम्हारा दीदार हो जाए

सुबह आंख खुलते ही जो तुम्हारा दीदार हो जाए दिन अच्छा गुजरता है खोया रहता हूं तुम्हारी मीठी-मीठी बातों, यादों के रसदार में

अपने मासूम दिल को समझाकर हैरान हूं थोड़ी देर के लिए ध्यान हटते ही अपनी ही राग अलापने लगता है

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